353+ Sant Kabir Ke Dohe In Hindi | कबीर के 350 + दोहे PDF | World Popular Dohe

Sant Kabir Ke dohe in Hindi WWW.MUSICJAGAT.COM Sant Kabir Ke dohe in Hindi number 1 जहिया जन्म मुक्ता हता, तहिया हता न कोय। छठी तुम्हारी हौं जगा, तू कहाँ चला बिगोय ॥ 1॥ शब्दार्थ – जहिया = जब जन्म मुक्ता=मुक्त जन्म, स्वतन्त्र नरजन्म। हता न कोय = अन्य तीन खानियों के विवशताकृत बंधन नहीं थे। …

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